महादेव सट्टा सिंडिकेट पर CBI का शिकंजा! सौरभ चंद्राकर 8 दिन की रिमांड पर, दिल्ली में खुलेंगे ₹6 हजार करोड़ के कथित घोटाले के राज; ED भी कस्टडी की तैयारी में
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत ने 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब CBI उसे दिल्ली ले जाकर 11 नवंबर तक पूछताछ करेगी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी सौरभ की कस्टडी हासिल करने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत का फैसला
बुधवार को सौरभ चंद्राकर को CBI ने रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने उससे विस्तृत पूछताछ के लिए 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी थी। वहीं, आरोपी पक्ष के वकील तुषार गिरी ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया और CBI की कार्रवाई को अवैध बताया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने CBI को 8 दिन की रिमांड मंजूर कर दी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 12 नवंबर को सौरभ को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत ने शाम के समय आरोपी को अपने वकील से मुलाकात की अनुमति भी दी है।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली ले जाकर होगी पूछताछ
CBI अब सौरभ चंद्राकर को रायपुर से दिल्ली ले जाने की तैयारी में है। सुरक्षा संबंधी कारणों को देखते हुए पूछताछ दिल्ली में की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, पूछताछ CCTV कैमरों की निगरानी में होगी। जांच एजेंसी का फोकस महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के संचालन, आर्थिक लेन-देन, कथित हवाला नेटवर्क और इस पूरे कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर रहेगा।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित सट्टा सिंडिकेट का संचालन किस तरह होता था, पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था और इस नेटवर्क में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी।
ED ने भी मांगी कस्टडी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सौरभ चंद्राकर की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसकी कस्टडी हासिल करने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया है। CBI की पूछताछ के बाद ED भी उससे कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करना चाहती है।
इस मामले में CBI और ED दोनों एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। ऐसे में सौरभ से होने वाली पूछताछ को पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओमान से गिरफ्तारी के बाद भारत लाया गया सौरभ
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में लंबे समय से जांच एजेंसियां सौरभ चंद्राकर की तलाश कर रही थीं। रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद भारत सरकार के माध्यम से ओमान को प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया। भारतीय एजेंसियों ने मामले से संबंधित साक्ष्य भी ओमान के अधिकारियों के साथ साझा किए।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद CBI की टीम ओमान की राजधानी मस्कट पहुंची और सौरभ को भारत लाने की कार्रवाई पूरी की। एक नवंबर को उसे भारत लाया गया। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंपा था। मंगलवार को CBI टीम उसे फ्लाइट से दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची, जहां बुधवार को विशेष अदालत में पेश किया गया।
अब पूछताछ में किन लोगों तक पहुंचेगी जांच की आंच?
करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टा घोटाले में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और रिमांड को जांच एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली में होने वाली पूछताछ के दौरान महादेव सट्टा सिंडिकेट के संचालन से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
क्या इस नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन से जुड़े नए खुलासे होंगे? क्या अन्य आरोपियों और कथित सहयोगियों की भूमिका सामने आएगी? क्या इस पूरे कारोबार से जुड़े बड़े नामों तक जांच एजेंसियां पहुंच पाएंगी?
फिलहाल 8 दिन की CBI रिमांड के दौरान सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
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