2 दिन पहले भी इसी तरह की बैठक हुई थी, जिसकी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई. इसमें रायपुर और आसपास के जिलों में मंत्रियों को बुलाया गया था।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आवास पर गुरुवार देर रात अचानक बैठक बुलाई गई, जहां सीएम के अलावा सरकार के मंत्री, भाजपा नेता मौजूद रहे. रात लगभग 10 बजे शुरू हुई बैठक रात में 1:40 बजे तक चली. इस दौरान पीएम मोदी के 12 साल के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई. मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चल रही चर्चाओं के बारे में जब डिप्टी सीएम विजय शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं की गई.
किस बात पर हुई चर्चा
सीएम हाउस में ही गुरुवार रात को मंत्रिमंडल के सदस्य और बीजेपी संगठन से जुड़े बैठक में शामिल लोगों ने डिनर किया. मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बैठक में पीएम मोदी के 12 साल के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई. सत्ता संगठन के सामंजस्य पर मंथन हुआ और सभी मंत्रियों के प्रभार जिलों में कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि मंत्री मंडल में फेरबदल वाला कोई विषय बैठक में नहीं था. "मीडिया में ये बात कैसे आई उनकी समझ से बाहर है. आप मुस्कुराओ सब ठीक है."
ये मंत्री बैठक में पहुंचे
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, गुरु खुशवंत साहेब, गजेंद्र यादव, दयाल दास बघेल भी मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी एयरपोर्ट से सीधे सीएम हाउस पहुंचे थे. इनके अलावा बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी बैठक में मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, 2 दिन पहले भी इसी तरह की बैठक हुई थी।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि यह हर तीन महीने में होने वाली नियमित बैठक है। उन्होंने कहा कि बैठक में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई। डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी इसे रूटीन बैठक बताया और कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को बुलाया था। वहीं मंत्री राम विचार नेताम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सभी लोग मुस्कुराइए, सभी तरह के कयास निष्फल हैं।” इस बैठक को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन्हें मंत्रियों ने खारिज किया।
राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश बीजेपी के महामंत्रियों की शिकायत के बाद बुलाई गई थी मंत्रियों की बैठक बता दें कि 18 जून को दोपहर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने प्रदेश महामंत्रियों की बैठक ली। जिसमें महामंत्रियों ने आरोप लगाया कि हमारी सुनी नहीं जा रही है। मंत्रियो की मनमानी चल रही है। मिलने का समय नहीं दिया जा रहा है। कॉल भी रिसीव नहीं कर रहे है। स्थानीय कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे है।
दिन ढलते ही मंत्रियों को सिर्फ एक लाइन का मिला था संदेश - मंत्रियों की बैठक का एजेंडा क्या था, इसके बारे में भी कुछ और जानकारी नहीं थी। मंत्रियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री के साथ संगठन महामंत्री पवन साय भी मौजूद रहे। बैठक को पवन साय ही कोअर्डिनेट कर रहे थे।











