भूपेश बघेल सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल के रूप में बनाए गए शिक्षा के स्मारक को 1500 रू शुल्क लेकर ध्वस्त करना चाहती है भाजपा सरकार
जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने स्वामी आत्मानंद स्कूल मे पढ़ने वाले बच्चों से आगामी शिक्षा सत्र से 1500 रू शुल्क लिए जाने का पूरजोर विरोध करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद स्कूल जिसे सेजस भी कहा जाता है, भूपेश बघेल सरकार द्वारा इसे एक महात्वाकांक्षी योजना के रूप में शुरू किया गया था, जिसकी तुलना केंद्र में चलने वाली मनरेगा योजना से की जा सकती है।
कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट रूप से बताना चाहती है कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने के लिए बनाई गई थी, ताकि शिक्षा का अधिकार सभी तक पहुंचे।
प्रदेश की भाजपा सरकार भी स्वामी आत्मानंद स्कूल के साथ वही षड्यंत्र कर रही है जो मनरेगा के साथ किया गया था।
प्रधानमंत्री ने भरी संसद मे मनरेगा को कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया था लेकिन इस योजना को बंद करने की हिम्मत न कर सके, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ी हुई थी। उसी तरह, स्वामी आत्मानंद स्कूल को भी बंद करने की भाजपा हिम्मत नही जुटा पाई तो अब भाजपा सरकार आत्मानंद स्कूल का नाम बदलने की साज़िश कर रही है, और प्रदेश के बच्चों के अभिभावकों से 1500रू शुल्क लिए जाने का शासन से आदेश भी स्कूलों तक पंहुच गया है।
कांग्रेस पार्टी इस ₹1500 फीस को ईर्ष्या वश लिया गया कदम मानती है, जिस से की भूपेश बघेल सरकार द्वारा निर्मित शिक्षा के इस स्मारक को ध्वस्त किया जा सके कांग्रेस पूरी ताकत से विरोध करते हुए जनता के बीच जाएगी। हम जनता से अपील करते हैं कि इस अन्याय का विरोध करें और अपनी आवाज़ उठाएं, ताकि आत्मानंद स्कूल की मूल भावना बनी रहे और सभी बच्चों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा का लाभ मिले।
जावेद खान
प्रवक्ता जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई